Aug 16, 2018

7th Pay commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए निराशा, पीएम मोदी के भाषण में न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर की कोई चर्चा नहीं



50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और करीब इतने ही पेंशधारकों को इस साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर खास उत्सुकता थी. ऐसी चर्चाएं थीं कि प्रधानमंत्री न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में इजाफे की घोषणा कर सकते हैं जो 7th Pay Commission की अनुशंसाओं से ज्यादा होगा. लेकिन भाषण के बाद उनकी उम्मीदें धरी रह गईं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने इसकी चर्चा तक नहीं की.

उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री भाषण में न्यूनतम वेतन में 8 हजार और रुपए फिटमेंट फैक्टर में 3.68 गुना तक वृद्धि का ऐलान करेंगे. इन उम्मीदों का कारण इस साल मार्च महीने में वित्त राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन का एक बयान था. हालांकि, इस बीच हरियाणा में सरकारी शिक्षण संस्थानों में काम करने वाले टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए 7th Pay Commission को मंजूरी मिल गई है. राज्य सरकार ने इसे 1 जनवरी, 2016 से लागू करने का फैसला किया है. महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य के 17 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए 7th Pay Commission के अनुरूप वेतन वृद्धि की घोषणा की है. इसे जनवरी, 2019 से लागू किया जाएगा.

बिहार, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और जम्मू कश्मीर में भी सरकारी कर्मचारियों को इसका फायदा मिलने की शुरुआत हो गई है. यह भी संभावना है कि केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख वर्तमान और रिटायर्ड कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिलने की खुशखबरी इसी साल मिल सकती है. ताजा जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार अपने सभी कर्मचारियों को इसी साल से 7th Pay Commission का लाभ देगी. इन कर्मियों को अप्रैल 2018 के प्रभाव से ही बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलेगा.

सातवें वेतन आयोग की मुख्य बातें

1- जो केंद्रीय कर्मचारी पे लेवल मैट्रिक्स 1 से 5 के बीच आते हैं, उन्हें होगा लाभ.
2- न्यूनतम वेतन को 18 हजार के बजाए 21 हजार रुपए किया जा सकता है.
3- केंद्र सरकार 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू कर सकती है.
4- केंद्रीय कर्मचारियों की मांग है कि उनके वेतन में करीब 3 गुना की बढ़ोतरी होनी चाहिए.
5- केंद्रीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने सैलरी में 3.68 गुना वृद्धि की मांग की है, जिससे न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए हो जाएगा.
6- कर्मचारी यूनियनों ने कहा है कि अब तक के सभी आयोगों के मुकाबले 7वें वेतन आयोग ने सबसे कम वेतन वृद्धि की सिफारिश की है.

Source - ZN