Jan 1, 2018

केंद्र सरकार का कड़ा रुख - संपत्तियों का ब्योरा नहीं, तो IAS अफसर को प्रोन्नति नहीं

केंद्र सरकार का कड़ा रुख  -  संपत्तियों का ब्योरा नहीं, तो IAS अफसर को प्रोन्नति नहीं

केंद्र की मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कवायद करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तमाम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अगले महीने तक अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक कर दें। सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने वाले आईएएस अफसरों की प्रोन्नति तथा विदेशों में तैनाती को विजिलेंस से मंजूरी नहीं मिलेगी। दरअसल, ये अधिकारी सरकार के बार-बार के निर्देशों के बावजूद अपनी संपत्ति का ब्योरा सामने लाने में नाकाम रहे हैं। 

केंद्र की मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कवायद करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तमाम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अगले महीने तक अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक कर दें। सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने वाले आईएएस अफसरों की प्रोन्नति तथा विदेशों में तैनाती को विजिलेंस से मंजूरी नहीं मिलेगी। दरअसल, ये अधिकारी सरकार के बार-बार के निर्देशों के बावजूद अपनी संपत्ति का ब्योरा सामने लाने में नाकाम रहे हैं।

सतर्कता मंजूरी के लिए शर्त

इस बारे में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा केंद्र सरकार के सभी विभागों, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वे तमाम आईएएस अफसरों द्वारा 31 जनवरी, 2018 तक अपनी अचल संपत्ति रिटर्न (आईपीआर) दाखिल करना सुनिश्चित कराएं। संस्थापन (इस्टेब्लिशमेंट) अधिकारी और अतिरिक्त सचिव पी. के. त्रिपाठी ने हाल ही में दिए गए एक संदेश में कहा है कि डीओपीटी के 4 अप्रैल, 2011 के निर्देशों के अनुरूप यह दोहराया जाता है कि आईपीआर समय पर जमा नहीं होने पर सतर्कता मंजूरी नहीं दिया जाएगा।

2011 के निर्देश: 2011 के निर्देशों के अनुसार, जिन अधिकारियों ने 1 जनवरी, 2018 तक समय पर अपने आईपीआर जमा नहीं किए, तो उन्हें सतर्कता मंजूरी नहीं दी जाएगी और भारत सरकार में वरिष्ठ स्तर के पदों के लिए पदोन्नति के लिहाज से उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।


अधिकारियों द्वारा आईपीआर दाखिल करने के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया गया है। अधिकारियों को विकल्प दिया गया है कि वे आईपीआर की हार्ड कॉपी 31 जनवरी, 2018 तक अपलोड कर सकते हैं। डीओपीटी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में 5,004 आईएएस अफसर कार्यरत हैं।

विदेश तैनाती पर सख्त निर्देश

उल्लेखनीय है कि विदेश में तैनाती को लेकर यह सख्त निर्देश प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) के लिए बनाए गए मानक में बदलाव के बाद दिए गए हैं। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने अधिकारियों की विदेश तैनाती और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की मियाद बढ़ा दी थी, जिसके बाद अब अधिकारी पांच साल के बजाय सात साल तक ऐसी तैनाती में रह सकते हैं। साथ ही, अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई थी कि विदेशी तैनाती पर निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुकने पर वे अपनी नौकरी गवां सकते हैं।


- NBT