Oct 23, 2017

PSU में कार्यरत अभ्यर्थियों सीधी भर्ती द्वारा चयनित होने पर 7th CPC CCS(RP) Rules, 2016 के अंतर्गत वेतन निर्धारण: डीओपीटी का आदेश Read more: http://www.staffnews.in/2017/10/7th-cpc-ccsrp-rules-2016-pay-fixation-psu-employees-om-hindi.html#ixzz4wLSwDFHp Under Creative Commons License: Attribution Share Alike Follow us: @StaffNews_In on Twitter | cgenews on Facebook

फा.स. 12/3/2017—स्था.(वेतन—I)
भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली,
दिनांक 28.07.2017

कार्यालय—ज्ञापन
विषय: चयन द्वारा भर्ती की पद्धति से आयोग द्वारा नियुक्ति के लिए संस्तुत किए गए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों इत्यादि में कार्यरत अभ्यर्थियों के वेतन निर्धारण के लिए दिशा—निर्देशों के संबंध में।

इस विभाग के दिनांक 07.08.1989 के का.ज्ञा.सं0 12/1/88—स्था.(वेतन—I) और दिनांक 30.03.2010 के का.ज्ञा.सं. 12/3/2009—स्था(वेतन—I) की ओर संदर्भ आकर्षित किया जाता है जिनके द्वारा विभागीय प्राधिकारियों सहित उचित रूप से गठित प्राधिकरण के माध्यम से चयन द्वारा सीधे भर्ती व्यक्ति के रूप में अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाने पर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों इत्यादि में कार्यरत अभ्यर्थियों के वेतन निर्धारण के लिए दिशा—निर्देश जारी किए गए थे।

2. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन और सीसीएस (आरपी) नियमावली, 2016 को जारी करने के ​बाद वर्तमान बैंडों और ग्रेड वेतनों की प्रणाली के स्थान पर वेतन मैट्रिक्स प्रणाली लाई गई है।  तदनुसार, इस विभाग के उपर्युक्त दिनांक 07.08.1989 के का.ज्ञा.स. 12/1/88—स्था(वेतन—I), दिनांक 10.07.1998 के का.ज्ञा.स. 12/1/96—स्था(वेतन—I) और दिनांक 30.03.2010 के का.ज्ञा.स. 12/3/2009—वेतन—I में आंशिक संशोधन करते हुए दिनांक 01.01.2016 को अथवा इसके पश्चात् नियुक्त किए गए के संबंध में वेतन निर्धारण की पद्धति निम्नानुसार होगी:—

"सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों(पीएसयु), विश्वविद्यालयों, अर्द्ध सरकारी संस्थानों अथवा स्वायत्तशासी निकायों में कार्यरत अभ्यर्थियों, जिन्हें सीधी भर्ती के माध्यम से विभागीय प्राधिकारियों सहित उचित रूप से गठित एजेंसी द्वारा लिए गए साक्षात्कार के माध्यम से चयन कर दिनांक 01.01.2016 को अथवा इसके पश्चात् किसी पद पर सीधे भर्ती व्यक्ति के रूप में नियत किया जाएगा ताकि इस मूल वेतन पर सरकार में मान्य वेतन और महंगाई भत्ता, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों इत्यादि में आहरित वेतन और महंगाई भत्ते को संरक्षित कर सके।  यदि संबंधित पद में कोई ऐसा चरण शामिल नहीं है, तो वेतन उस वेतन के ​ठीकर नीचे वाले चरण में नियत किया जाएगा।  यदि उस पद, जिसमें व्यक्ति की नियुक्ति की गई है, के लिए लागू स्तर में ​अधिकतम वेतन इस प्रकार परिकल्पित किए गए वेतन से कम होता है तब उसका आरंभिक मूल वेतन पद के ऐसे अधिकतम वेतन पर नियत किया जाएगा।  इसी प्रकार, यदि उस पद, जिसमें व्यक्ति की नियुक्ति की गई है, के लिए लागू स्तर में न्यूनतम वेतन इस प्रकार परिकल्पित किए गए वेतन से अधिक रहता है, तब आरंभिक मूल वेतन पद के ऐसे न्यूनतम वेतन पर नियत किया जाएगा।  इस सूत्र के अं​तर्गत नियत वेतन, वेतन मैट्रिक्स, जिसमें उसकी नियुक्ति की गई है, में पद के स्तर के लिए लागू उच्चतम सैल वैल्यू से अधिक नहीं होगा।"

3.  वेतन संरक्षण प्रदान करने के लिए शर्तेें वही रहेंगी जो इस विभाग के उपयुक्त दिनांक 07.08.1989 और 10.07.1998 के कार्यालय ज्ञापनों में निर्धारित की गई हैं।  

4.  जहॉं तक भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग में सेवारत व्यक्तियों का संबंध है, ये आदेश भारत के नियंत्रक और महालेखा—परीक्षक की सहमति से जारी किए जाते हैं।

5. ये आदेश 01.01.2016 से लागू होंगे।

(पुष्पेन्द्र कुमार)
अवर सचिव, भारत सरकार
Source - Staff News